
Rajan Kumar State Topper Rank -5 Interview | 10th Topper Interview 2025 Bihar Board |
दुकान से लेकर बिहार टॉपर (Rank 5) तक का सफर!
राजन कुमार रौनियार की संघर्ष और सफलता की कहानी
सफलता सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। यह साबित कर दिखाया है पश्चिमी चंपारण (यूपी बॉर्डर) के एक छोटे से गांव के रहने वाले राजन कुमार रौनियार ने। पिता की पान की दुकान संभालने से लेकर पूरे बिहार में 5वां स्थान (485 अंक) प्राप्त करने तक का उनका सफर हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। आइए जानते हैं दिशा ऑनलाइन क्लासेज के इस होनहार छात्र की रणनीति!
🌟 राजन की सफलता के 4 बड़े राज
1. संघर्ष और बेहतरीन टाइम मैनेजमेंट
- राजन सुबह 4:00 से 5:00 बजे उठकर सोशल साइंस का रिवीजन करते थे।
- पिताजी की पान और बर्तन की दुकान पर बैठकर भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी।
- दुकान के काम के बीच जो समय मिलता था, उसमें संस्कृत और सोशल साइंस पढ़ लेते थे।
- रात को 10-10:30 बजे तक सोकर 6-7 घंटे की प्रॉपर नींद लेते थे।
2. स्कूल और ऑनलाइन क्लास का सही उपयोग
- एग्जाम के बाद जब बच्चे स्कूल नहीं जाते थे, तब भी राजन स्कूल जाते थे ताकि घर (दुकान) के काम से बचकर सेल्फ स्टडी कर सकें।
- दिशा ऑनलाइन क्लासेज के मात्र ₹250 के बैच को दोस्तों के साथ मिलकर खरीदा और टाइम बांटकर (सुबह-शाम) वीडियो देखे।
- खुद का मोबाइल न होने पर पिता जी का मोबाइल इस्तेमाल किया।
3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers) लिखने का तरीका
- बोर्ड एग्जाम में कॉपी को यूनिक (Unique) बनाने के लिए आंसर को हमेशा 'हेडिंग और पॉइंट्स' में लिखा।
- अगर कोई टॉपिक किताब में नहीं मिला, तो खुद से सोचकर हेडिंग बनाई और अपने शब्दों में एक्सप्लेन किया।
- एग्जाम में ब्लैक (Black) और ब्लू (Blue) दोनों पेन का प्रॉपर इस्तेमाल किया।
4. परिवार (खासकर दीदी) का सपोर्ट
- राजन की दीदी उनके गांव की पहली लड़की थीं, जिन्होंने साइकिल से 15 किमी दूर जाकर 10वीं पास की थी।
- दीदी ने ही राजन को यूपी बोर्ड के बजाय 'बिहार बोर्ड (सरकारी स्कूल)' से पढ़ने के लिए मोटिवेट किया, ताकि राज्य का नाम रोशन हो सके।
🎯 2026 में परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए राजन की सलाह
- ✅ SCERT बुक्स: बिहार बोर्ड (SCERT) की किताबों को बहुत अच्छे से (Thoroughly) पढ़ें।
- ✅ स्कूल की पढ़ाई: अगर स्कूल में अच्छी पढ़ाई होती है, तो वहां से जरूर हेल्प लें और ऑनलाइन दिशा क्लासेज पर भरोसा करें।
- ✅ हैंडराइटिंग सुधारें: शुरू में राजन की राइटिंग अच्छी नहीं थी, लेकिन उन्होंने लिखकर अभ्यास किया और उसे अट्रैक्टिव बनाया।
- ✅ शांत रहें (Humble Nature): सफलता का शोर खुद मचाने के बजाय अपनी मेहनत को शांति से करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
राजन कुमार रौनियार की कहानी साबित करती है कि अगर आपके अंदर जुनून है, तो दुकान का काम और गरीबी आपकी सफलता नहीं रोक सकती। राजन ने न सिर्फ स्कूल में बाल संसद के 'प्रधानमंत्री' का पद संभाला, बल्कि बिहार में रैंक 5 लाकर अपना और दिशा क्लासेज का नाम रोशन किया। आज ही अपना लक्ष्य बनाएं और पढ़ाई में जुट जाएं!