
Bihar Board 10th Topper Interview | Khushi Kumari Rank 3 Topper Interview | Bihar Topper Podcast
बिहार टॉपर (Rank 3): खुशी कुमारी की कहानी!
शांत स्वभाव, गहरी मेहनत और रोहतास जिले का नाम रोशन!
बहुत कम बोलने वाली, शांत रहने वाली और दूसरों से छुप-छुप कर पढ़ने वाली रोहतास जिले की खुशी कुमारी ने पूरे बिहार में तीसरा (3rd) स्थान (487 अंक) हासिल किया है। प्रैक्टिकल में अगर 2 अंक और मिल जाते, तो आज वह बिहार की नंबर वन टॉपर होतीं। खुशी की बड़ी बहन सलोनी (87% in 12th) और उनके माता-पिता के सपोर्ट ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। आइए जानते हैं दिशा ऑनलाइन क्लासेज की इस होनहार छात्रा की रणनीति!
🌟 खुशी की सफलता के 4 बड़े राज
1. छुप-छुप कर पढ़ना (Silent Study)
- खुशी कभी भी दूसरों को दिखाने के लिए नहीं पढ़ती थीं। जब कोई उन्हें पढ़ते हुए देख लेता, तो वह असहज महसूस करती थीं।
- उनका मानना है कि जो बच्चे केवल माता-पिता के सामने किताब खोलकर 'दिखावे की पढ़ाई' करते हैं, वे केवल एवरेज रह जाते हैं।
- वह देर रात तक जागकर पढ़ती थीं और अकेले, शांति में पढ़ाई करना पसंद करती थीं।
2. परफेक्ट डेली रूटीन
- सुबह जल्दी उठकर 2-3 घंटे पढ़ाई करना (याद करने वाले विषय)।
- दोपहर में स्कूल और कोचिंग के बाद पढ़ाई करना।
- रात को 11-12 बजे (और कभी-कभी सुबह 4 बजे) तक जागकर मैथ्स का रिवीजन करना।
- लगातार पढ़ने के बजाय, 1 घंटे पढ़ने के बाद 10 मिनट का ब्रेक लेना और टहलना।
3. अक्टूबर में सिलेबस खत्म, फिर मॉडल पेपर
- खुशी ने अक्टूबर-नवंबर तक अपना पूरा सिलेबस खत्म कर लिया था।
- इसके बाद उन्होंने 2011 से 2024 तक का क्वेश्चन बैंक (PYQ) सॉल्व किया।
- घर पर ही एग्जाम हॉल की तरह बैठकर एक विषय के 10 से 15 मॉडल पेपर सॉल्व किए, जिससे एग्जाम का डर खत्म हो गया।
4. परिवार और दीदी का सपोर्ट
- बड़ी दीदी (सलोनी) के 91% अंक देखकर ही खुशी ने बिहार टॉपर बनने की ठानी थी।
- दीदी ने ही खुशी को दिशा ऑनलाइन क्लासेज के बारे में बताया और उनके नोट्स भी खुशी के बहुत काम आए।
- खुशी के पिता रोज उन्हें समझाते थे कि एग्जाम में हैंडराइटिंग (सजाकर लिखना) का बहुत बड़ा रोल होता है।
📚 विषय-वार शानदार रणनीति (Subject Strategy)
✅ मैथ्स (99 अंक)
मैथ्स खुशी का सबसे मजबूत विषय था। उन्होंने NCERT की किताब को 5 से 6 बार पूरा सॉल्व किया। एग्जाम में 1 ऑब्जेक्टिव छूट जाने का उन्हें बहुत अफसोस था, वरना 100/100 आते!
✅ सोशल साइंस - SST (97 अंक)
जुलाई-अगस्त के महीने में खुशी को महसूस हुआ कि उनका सोशल साइंस थोड़ा कमजोर है। इसलिए उन्होंने इस विषय पर ज्यादा ध्यान दिया और 97 अंक हासिल किए!
🎯 2026 के छात्रों के लिए 'खुशी' की सलाह
- ✅ टॉपर्स के इंटरव्यू देखें: खुशी ने खुद टॉपर्स के इंटरव्यू देखकर समझा था कि टॉपर बनना मुश्किल नहीं, बल्कि आसान है।
- ✅ खुद से लाइन-बाय-लाइन पढ़ें: सिर्फ ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लास पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद से भी चैप्टर्स को समझकर पढ़ें।
- ✅ खुद को समझाएं: जब पढ़ने का मन नहीं करता था, तो खुशी खुद से कहती थीं, "बस यही एक साल है टॉपर बनने के लिए, नहीं पढ़ेंगे तो कैसे बनेंगे?"
- ✅ कॉन्फिडेंस रखें: लाइव क्लास में दूसरों को जल्दी-जल्दी कमेंट करते देख कभी घबराएं नहीं। कमेंट करने से ज्यादा जरूरी 'समझना' है।
निष्कर्ष (Conclusion)
अगर मंजिल पहाड़ है, तो हम भी मांझी हैं। जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं! खुशी ने इस बात को सच साबित कर दिया। अब वे सुपर 50 के तहत पटना में NEET की तैयारी करके डॉक्टर बनना चाहती हैं। क्या आप भी 2026 में दिशा क्लासेज का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं?