स्टेट टॉपर अनुभव कुमार (487 अंक) की सफलता की कहानी और टिप्स
बिहार बोर्ड 2026 की मैट्रिक परीक्षा में 487 अंक लाकर पूरे स्टेट में फोर्थ रैंक और बांका जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अनुभव कुमार ने अपनी सफलता का राज साझा किया है । उनके साथ उनके दोस्त विश्वास ने भी 465 अंक हासिल किए । आइए जानते हैं उनके इंटरव्यू की कुछ प्रमुख बातें और आने वाले वर्ष 2027 के छात्रों के लिए उनके खास टिप्स:
1. सेल्फ स्टडी (Self Study) का महत्व
- टॉपर अनुभव और उनके दोस्त विश्वास दोनों का मानना है कि केवल ऑनलाइन क्लास देखना काफी नहीं है, सेल्फ स्टडी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है ।
- जनवरी के बाद अंतिम समय में वे दोनों प्रतिदिन औसतन 7 से 8 घंटे की सेल्फ स्टडी करते थे ।
- अनुभव को सुबह पढ़ना (Morning Study) ज्यादा पसंद था, जबकि विश्वास रात में पढ़ना (Night Study) पसंद करते थे ।
2. रटने के बजाय समझने पर जोर
- अनुभव का कहना है कि उन्होंने कभी चीजों को रटने (Cramming) पर ध्यान नहीं दिया ।
- वे शिक्षकों (जैसे मनीष मुरारी सर) की बातों को ध्यान से सुनते थे, समझते थे और फिर वीडियो बंद करके उसे अपने शब्दों में लिखने का प्रयास करते थे ।
- परीक्षा में भी यथासंभव अपने शब्दों में उत्तर देना चाहिए, न कि जो शिक्षक ने लिखवाया है उसे हूबहू रटकर लिखना ।
3. सिलेबस पूरा करना और 'वायरल' से बचना
- दिशा ऑनलाइन क्लासेज (DOC) से जुड़ने का सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि वहां पूरा सिलेबस बहुत गहराई (Depth) से कवर कराया गया ।
- अगर सिलेबस पूरी तरह से पढ़ा हुआ है, तो किताब के किसी भी एक लाइन से प्रश्न आ जाने पर भी उसे बनाने का कॉन्फिडेंस रहता है ।
- अनुभव और विश्वास दोनों ने छात्रों को सलाह दी कि परीक्षा के समय इंटरनेट पर फैले 'वायरल प्रश्नों' या 'गेस पेपर' के झांसे में न आएं ।
4. माता-पिता का सहयोग और विश्वास
- अनुभव के माता-पिता किसान हैं, लेकिन उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी ।
- माता-पिता ने बच्चों को मोबाइल दिया, लेकिन रात के 12-1 बजे उठकर चेक भी करते थे कि बच्चे पढ़ाई ही कर रहे हैं या कुछ और ।
- छात्रों को भी अपने माता-पिता के इस विश्वास पर खरा उतरना चाहिए और मोबाइल का सही उपयोग करना चाहिए ।
💡 2027 के छात्रों के लिए विशेष संदेश
- शुरुआत से जुड़ें: विश्वास का मानना है कि यदि वे अक्टूबर के बजाय शुरुआत से ही डीओसी (DOC) से जुड़े होते, तो उनका रैंक और बेहतर हो सकता था ।
- खुद के नोट्स: दूसरों के नोट्स मांगने के बजाय क्लास देखकर अपने खुद के नोट्स तैयार करना सबसे बेहतरीन होता है ।
- आत्मविश्वास (Confidence): परीक्षा हॉल में जाने से पहले पूरी तरह से कॉन्फिडेंट रहें। अगर आपने पढ़ाई की है, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है ।
- रिवीजन सीरीज: परीक्षा के अंतिम समय में 'रामबाण', 'मैथ का अस्पताल', 'तांडव' और 'अंतिम प्रहार' जैसी सीरीज से नए और महत्वपूर्ण प्रश्नों का रिवीजन करना बहुत फायदेमंद रहा ।